निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए-
रंग की शोभा ने क्या कर दिया?
रंग की शोभा ने उत्तर दिशा में जमकर थोड़े समय के लिए लालिमा फैला दी|
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए-
बादल किसकी तरह हो गए थे?
देखते—देखते बादल श्वेत कपास की तरह हो गए थे|
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए-
लोग किन-किन चीज़ों का वर्णन करते हैं?
लोग आकाश का, पृथ्वी का और जलाशयों के सौन्दर्य का वर्णन करते हैं लेकिन कीचड़ के सौन्दर्य का वर्णन कोई नहीं करता।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए-
कीचड़ से क्या होता है?
कीचड़ में पैर डालना कोई पसंद नहीं करता क्योंकि इससे शरीर गंदा हो जाता है और कपड़े मैले हो जाते हैं।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए-
कीचड़ जैसा रंग कौन लोग पसंद करते हैं?
कीचड़ का रंग बहुत सुंदर है। कलाभिज्ञ, फोटोग्राफी करने वाले एवं कला के अन्य क्षेत्रों से जुड़े हुए लोग अपने जीवन की विभिन्न बस्तुओं का रंग कीचड़ के रंग कि तरह चुनते हैं एवं पसंद करते हैं|
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए-
नदी के किनारे कीचड कब सुन्दर दिखता है?
नदी के किनारे कीचड का रंग सूखने के पश्चात जब पाडे उस पर अपने सींगो से लडते हैं तो उस पर विभिन्न प्रकार की आक्रतियाँ बन जाती है, तब कीचड सुन्दर लगने लगता है|
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए-
कीचड़ कहाँ सुंदर लगता है?
नदी के किनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टुकड़े हो जाते हैं तब वे सुंदर दिखते हैं। ज्यादा गर्मी से जब उन्हीं टुकड़ों में दरारें पड़ती हैं और वे टेढ़े—मेढ़े हो जाते हैं तो खोपरे जैसे दीख पड़ते हैं।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक दो पंक्तियों में दीजिए-
‘पंक’ और ‘पंकज’ शब्द में क्या अंतर है?
पंक का अर्थ कीचड होता है जबकि पंकज शब्द का अर्थ उसी कीचड में खिला कमल होता है| पंक शब्द घृणास्पद लगता है, जबकि पंकज शब्द सुनते ही मन में उत्साह उत्पन्न हो जाता है|
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए-
कीचड़ के प्रति किसी को सहानुभूति क्यों नहीं होती?
कीचड़ का वर्णन कभी किसी ने नहीं किया। कीचड़ से कपड़े मैले हो जाते हैं। शरीर पर भी जरा सा कीचड़ छू जाए तो भी किसी को अच्छा नहीं लगता। कीचड़ में कोई पैर नहीं डालना चाहता। कीचड़ शब्द से ही लोगों को नफरत होती है। इन्हीं सब कारणों की वजह से कीचड़ के प्रति किसी को भी सहानुभूति नहीं होती।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए-
ज़मीन ठोस होने पर उस पर किनके पदचिन्ह अंकित होते हैं?
कीचड़ का पृष्ठ भाग कुछ सूख जाने पर उस पर बगुले ओर अन्य पक्षी चलते हैं। फिर जब कीचड़ ज्यादा सूखकर जमीन ठोस हो जाती है तो उस पर गाय, बैल, पाड़े, भैंस, भेड़, बकरे आदि के पदचिह्न उस पर अंकित होते हैं उसकी शोभा को बढाते हैं|
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए-
मनुष्य को क्या भान होता जिससे वह कीचड़ का तिरस्कार न करता?
अगर मानव को यह एहसास हो जाए कि हमारा अन्न कीचड़ से ही पैदा होता है तो वह कीचड़ का कभी तिरस्कार न करता। लोगों को पंक शब्द घृणा वाला लगता है। पंकज शब्द सुनते ही कवि डोलने और गाने लगते हैं। कीचड बिल्कुल मलिन या गन्दा माना जाता है जबकि कमल शब्द से चित्त प्रसन्न हो जाता है।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30) शब्दों में लिखिए-
पहाड़ लुप्त कर देनेवाले कीचड़ की क्या विशेषता है?
अगर पहाड़ लुप्त कर देने वाला कीचड़ देखना है तो ऐसा कीचड गंगा अथवा सिन्धु नदी के किनारे देखा जा सकता है| यह कीचड बहुत गहरा होता है और इसमें पहाड़ भी समा सकता है| इन नदियों के किनारे जल के दूर तक फ़ैल जाने के कारण इस कीचड का निर्माण होता है और यह कीचड बहुत दूर तक फैला रहता है|
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए-
कीचड़ का रंग किन-किन लोगों को खुश करता है?
कीचड़ का रंग बहुत सुंदर होता है लेकिन यह आम लोगों को पप्रभावित नहीं करता| कीचड का रंग कलाभिज्ञ लोगों जैसे- फोटोग्राफर, पेंटर आदि को बहुत प्रभावित करता है क्योंकि ये लोग इस रंग की महत्ता को समझते हैं| ये जानते हैं कि इसी कीचड जिसे हम घृणा की नजर से देखते हैं, में कमल(जो हम सबको बहुत पसंद है) खिलता है| फोटोग्राफर के फोटो लेते समय भी यदि उसमें कीचड़ का एकाध रंग आ जाए तो उसे वार्मटोन कहकर वह खुश हो जाता है। इसके अलावा पुस्तकों के गत्तों पर और घर की दीवारों पर भी ये रंग बहुत शोभता है। कलाकार लोग कीचड के रंग को बहुत महत्त्व देते हैं और अपने जीवन की अनेक बस्तुओं में इसे प्रयोग करते हैं|
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए-
कीचड़ सूखकर किस प्रकार के दृश्य उपस्थित करता है?
नदी किनारे जब कीचड़ सूखकर उसके टुकड़े हो जाते हैं तो वे अति सुंदर दिखते हैं। ज्यादा गर्मी से जब बाद में उन्हीं टुकड़ों में अनेक टेढ़ी-मेढी दरारें पड़ जाती हैं तो वह और भी सुन्दर लगने लगता है| मीलों तक फैला हुआ कीचड़ भी कम खूबसूरत नहीं लगता। उस सूखे कीचड़ पर पक्षी, गाय, बैल, पाड़े, भैंस, भेड़ और बकरे आदि के पदचिह्न उस पर अंकित हो जाते हैं और फिर वह कीचड एक बेहतरीन चित्रकार के द्वारा बनाए गए एक बेहतरीन चित्र की तरह प्रतीत होता है| इसकी शोभा ही अलग ही होती है।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए-
सूखे हुए कीचड़ का सौंदर्य किन स्थानों पर दिखाई देता है?
सूखे हुए कीचड़ का सौंदर्य नदी किनारे दिखाई देता है। सूखे कीचड़ पर पक्षी, गाय, बैल, पाड़े, भैंस, भेड़ और बकरे आदि के पदचिह्न अंकित हो जाते हैं। इसकी शोभा ही अलग होती है। मदमस्त जानवर अपने सींगों और शरीर से कीचड़ को रौंदकर उस पर खूबसूरत आक्रतियाँ निर्मित कर देते हैं| यह कीचड बहुत ही सुन्दर प्रतीत होता है|
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60) शब्दों में लिखिए-
कवियों की धारणा को लेखक ने युक्तिशून्य क्यों कहा है?
कवियों ने आकाश, धरती, फूल आदि पर तो बहुत कुछ लिखा लेकिन कीचड़ के बारे में सोचना भी नहीं चाहते। पंक शब्द घृणास्पद लगता है जबकि पंकज शब्द सुनते ही कवि डोलने लगते हैं। कीचड को बिल्कुल मलिन माना जाता है किंतु कमल सुनते ही चित्त प्रसन्नता से भर जाता है। जबकि लोग यह भूल जाते हैं कि वह कमल उसी कीचड में फलता फूलता है| कवि सिर्फ बाहरी सुन्दरता एवं चमक दमक को महत्व देते हैं जबकि उस वातावरण को महत्त्व देना भूल जाते हैं जिसके फलस्वरूप उस सुन्दर बस्तु की उत्पति हुई है| कवियों की ऐसी युक्तिशून्य वृत्ति है कि वे हीरे का भारी मूल्य तो बड़ी आसानी से दे देते हैं हैं लेकिन कोयले या पत्थर का नहीं देते।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
नदी किनारे अंकित पदचिन्ह और सींगों के चिन्हों से मानो महिषकुल के भारतीय युद्ध का पूरा इतिहास ही इस कर्दम लेख में लिखा हो ऐसा भास होता है।
लेखक कहता है कि जब नदी किनारे का कीचड सूखकर ठोस हो जाता है तब इस सूखे हुए कीचड़ में दो मदमस्त पाड़े अपने सींगों से उसको रौंदकर आपस में लड़ते हैं। कीचड़ पर उनके पैरों और सींगों के चिह्न अंकित हो जाते हैं। इसे देखने से लगता है मानो महिषकुल के भारतीय युद्ध का इतिहास यहीं वर्णित हो रहा हो। ये नजारा किसी युद्ध से कम नहीं होता।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए-
“आप वासुदेव का पूजा करते हैं इसलिए वसुदेव को तो नहीं पूजते, हीरे का भारी मूल्य देते हैं किंतु कोयले या पत्थर का नहीं देते और मोती को कंठ में बाँधकर फिरते हैं किंतु उसकी मातुश्री को गले में नहीं बाँधते! ” कम-से कम इस विषय पर कवियों के साथ तो चर्चा ने करना ही उत्तम!
लेखक कहता है कि कीचड़ से ही हमारा अन्न उगता है फिरभी लोग इसका तिरस्कार कर देते हैं। लोग हमेशा सुंदर वस्तु की ही तारीफ करना चाहते हैं। जैसे हीरा कीमती होता इसलिए लोग उसके बारे में पूछते हैं लेकिन कोयले या पत्थर का कोई मूल्य नहीं होता जबकि हीरे की उत्पत्ति उसी कोयले और पत्थर के फलस्वरूप हुई है। इसी तरह कवि सवाल करते हैं कि श्रीकृष्ण को वासुदेव कहतें हैं और लोग उन्हें पूजते हैं जबकि उनके पिता वसुदेव को कोई नहीं पूजता। कवियों के पास अपने तर्क होते हैं उनसे कुछ भी कहना बेकार होता है।
निम्नलिखित शब्दों के तीन-तीन पर्यायवाची शब्द लिखिए-
जलाशय
सिंधु
पंकज
पृथ्वी
आकाश
जलाशय— तालाब, तलैया, ताल
सिंधु— सागर, समुद्र, रत्नाकर
पंकज— सरोज, कमल, जलज
पृथ्वी— धरती, भूमि, धरा
आकाश— अंबर, गगन, व्योम
निम्नलिखित वाक्यों में कारकों को रेखांकित कर उनके नाम भी लिखिए-
क) कीचड़ का नाम लेते ही सब बिगड़ जाता है।
ख) क्या कीचड़ का वर्णन कभी किसी ने किया है।
ग) हमारा अन्न कीचड़ से ही पैदा होता है।
घ) पदचिन्ह उस पर अंकित होते हैं।
ङ) आप वासुदेव की पूजा करते हैं।
क) का संबंध कारक
ख) क्या कीचड़ का वर्णन कभी किसी ने किया है। ने कर्ता कारक
ग) हमारा अन्न कीचड़ से ही पैदा होता है। हमारा संबंध कारक, से करण कारक
घ) पदचिन्ह उस पर अंकित होते हैं। उस पर अधिकरण कारक
ङ) आप वासुदेव की पूजा करते हैं। की संबंध कारक
निम्नलिखित शब्दों की बनावट को ध्यान से देखिए और इनका पाठ से भिन्न किसी नए प्रसंग में वाक्य प्रयोग कीजिए-
आकर्षक- गुलाब का फूल बहुत आकर्षक लगता है।
यथार्थ- कल्पना नहीं यथार्थ को महत्त्व देना चाहिए|
तटस्थता- तटस्थ नेताओं की वजह से देश भ्रष्ट हो गया है।
कलाभिज्ञ- कलाभिज्ञ लोग अपनी कला के प्रति बहुत ईमानदार रहते हैं।
पदचिन्ह- बड़ों के पदचिन्हों पर चलने से सही मंजिल पर पहुंच सकते हैं।
अंकित- दीवारों पर अंकित भाषा सालों पुरानी मालूम होती है।
तृप्ति- मन पसंद खाना खाने से तृप्ति मिल जाती है।
जागृत- स्वच्छता के लिए लोगों को जागृत करना जरूरी है।
घृणास्पद- घृणास्पद काम करने वालों को प्यार से समझाओ तो वो समझ सकते हैं।
युक्तिशून्य- दुनिया में युक्तिशून्य बातें करने वालों की कमी नहीं है।
वृत्ति- अच्छी वृत्ति वाले लोग इस कलयुगी दुनिया में खत्म हो गए हैं।
सनातन- सनातन व्यक्ति की बातों में हमेशा ज्ञान झलकता है।
लुप्त- धीरे-धीरे शेर लुप्त होते जा रहे हैं।
नीचे दिए गई संयुक्त क्रियाओं का प्रयोग करते हुए कोई अन्य वाक्य बनाइए-
क) देखते-देखते वहाँ के बादल श्वेत पूनी जैसे हो गए।
ख) कीचड़ देखना हो तो सीधे खंभात पहुँचना चाहिए।
ग) हमारा अन्न कीचड़ में से ही पैदा होता है।
क) देखते-देखते- देखते-देखते वो मेरी आंखों के सामने से ओझल होती चली गई।
ख) पहुँचना चाहिए- परीक्षा के समय हमें 10 मिनट पहले पहुंचना चाहिए।
ग) पैदा होता- गेंहू यूपी में सबसे ज्यादा पैदा होता है।
न, नही, मत का सही प्रयोग रिक्त स्थानों पर कीजिए-
क) तुम घर..............जाओ।
ख) मोहन कल....... जाएगा।
ग) उसे................जाने क्या हो गया है?
घ) डाँटो..................प्यार से कहो।
ङ) मैं वहाँ कभी............... जाऊँगा।
च) ................वह बोला.................मैं।
क) तुम घर मत जाओ।
ख) मोहन कल नहीं जाएगा।
ग) उसे न जाने क्या हो गया है।
घ) डांटो मत प्यार से कहो।
ङ) मैं वहां कभी नहीं जाऊँगा।
च) न वह बोला न मैं।
विद्यार्थी सूर्योदय और सूर्यास्त के दृश्य देखें तथा अपने अनुभवों को लिखें।
आज मैंने सुबह 5 बजे उठकर सूर्योदय देखा। वो नजारा बहुत मनमोहक था। सुबह की ठंडी और शुद्ध वायु मेरे शरीर को ठंडक पहुंचा रही थी। आसमान पर सूरज निकलने पहले हल्की लालिमा छा गई जब सूरज निकला तो उसकी किरणें भी शीतल लग रही थीं। मैं पूरब दिशा की ओर टकटकी लगाए सूरज को उगते हुए देखता रहा। प्रकृत्ति की सबसे बेमिसाल रचना है। वहीं आज शाम का सूर्यास्त भी देखने का मौका मिला। हम सब छत पर खेल रहे थे। करीब 6 बजे होंगे। आसमान में फिर से लालिमा छाई और धीरे—धीरे सूरज उसमें समाता चला गया। आधा सूरज लालिमा के अंदर और आधा बाहर, ये दृश्य बहुत ही मनमोहक था। जाते—जाते सूरज जैसे हमसे यह कह रहा हो कि मैं सुबह फिर से जरूर आऊँगा।
कीचड़ में पैदा होनवाली फलसों के नाम लिखिए।
भारत एक कृषि प्रधान देश है और यहां अनेक प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। हर फसल एक अलग तरह के वातावरण में उगती है। कीचड़ में उगने वाली फसलें कम हैं। लेकिन इनकी खपत ज्यादा है। जैसे कमल का फूल, गन्ना, धान बाजरा और सिंघाड़ा कीचड़ में ही उगते हैं।
भारत के मानचित्र में दिखाएँ कि धान की फसल प्रमुख रूप से किन-किन प्रांतों में उपजाई जाती है?
भारत में धान की फसल कईराज्यों में उगाई जाती है। भारत में धान का बड़ी मात्रा में उत्पादन होता है| भारत में धान मुख्य रूप से 6 राज्यों पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और तमिलनाडु में उगाई जाती है|
क्या कीचड़ ‘गंदगी’ है? इस विषय पक अपनी कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।
कीचड़ को अक्सर लोग बुरी चीज समझते हैं। कीचड़ का नाम सुनते ही सब बेकार हो जाता है। अगर कहीं कीचड़ दिख भी जाता है तो लोग अपना रास्ता बदल लेते हैं। कीचड़ से कपड़े मैले होने का डर रहता है। लेकिन इस पाठ में लेखक ने कीचड़ का ही महिमामंडन किया है। हर कोई धरती, आकाश और फूलों के बारे में लिखता है लेकिन कीचड़ का क्या। कीचड़ में ही अन्न का उत्पादन होता है। अगर लोग ये बात समझ लें तो कभी कीचड़ से नफरत ना करें। कीचड़ उपजाऊ होता है। इसमें धान, बाजरा, कमल और गन्ने जैसी फसलें पैदा होती हैं। कीचड़ का अपना गुण है जो इसे समझ गया वो इससे कभी नफरत नहीं करेगा।